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कà¥à¤¯à¤¾ समय से पहले पैदा हà¥à¤† मेरा शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध पी सकता है?
हां। शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध पिलाना उसके लिठसबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ चीजों में से à¤à¤• है। इससे उसके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में सà¥à¤§à¤¾à¤° होगा और उसे ताकत मिलेगी। उसकी आंतों को पूरà¥à¤£ विकसित होने में मदद मिलेगी और यह उसे इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से à¤à¥€ बचाà¤à¤—ा।
यदि आपका शिशॠ34 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से पहले जनà¥à¤®à¤¾ था, तो शायद वह इतना सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ या तंदà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ नहीं होगा कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कर सके। à¤à¤²à¥‡ ही वह आपके सà¥à¤¤à¤¨ से चूसकर दूध न पी पाà¤, मगर उसे आपके सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध की जरà¥à¤°à¤¤ तो होगी ही। इसलिठआप अपना सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध निकालकर (à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ करके) शिशॠको पिला सकती हैं।
सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ करने का à¤à¤• अतिरिकà¥à¤¤ फायदा यह à¤à¥€ है कि इससे आपके दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बनी रहती है। आपका शिशॠशायद पेट में लगी नलिका के जरिये सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध ले सकेगा या फिर सिरिंज से कà¥à¤› बूंदें उसके होंठों पर लगाकर यह पिलाया जाà¤à¤—ा। यदि शिशॠथोड़ा तंदà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ हो तो उसे पलड़ाई की मदद से à¤à¥€ दूध पिलाया जा सकता है।
जब आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने के लिठतैयार हो जाता है, तो आप उचित मदद से यह आसानी से कर पाà¤à¤‚गी। हालांकि, इसमें आपको धैरà¥à¤¯ रखना होगा, खासकर कि शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में।
चाहे आप शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाà¤à¤‚ या फिर मेहनत करके निकाला हà¥à¤† सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध पिलाà¤à¤‚, दोनों ही माà¤-बचà¥à¤šà¥‡ के बीच के अनोखे रिशà¥à¤¤à¥‡ को मजबूत करने के बेहतरीन तरीके हैं।
सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध मेरे पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° बेबी की मदद किस तरह करता है?
सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध शिशॠको इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से बचाता है, खासकर कि आंत और फेफड़ों के संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ से। ये इनफेकà¥à¤¶à¤¨ पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° शिशà¥à¤“ं के लिठखतरनाक हो सकते हैं। साथ ही शिशॠके लिठफॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध को पचाना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आसान होता है।
कम जनà¥à¤® वजन के साथ समय से पहले जनà¥à¤®à¥‡ शिशà¥à¤“ं के लिठअननà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ (à¤à¤•à¥à¤¸à¤•à¥à¤²à¥‚सिव बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग) करवाना सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® है। जिन शिशà¥à¤“ं को केवल सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध दिया जाता है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध लेने वाले शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में नवजात इंटेंसिव केयर यूनिट (à¤à¤¨à¤†à¤ˆà¤¸à¥€à¤¯à¥‚) से जलà¥à¤¦à¥€ छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ मिल सकती है और वे अपने घर जा सकते हैं।
जब शिशॠके शरीर में इतनी ताकत आ जाà¤, कि वह खà¥à¤¦ से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करना शà¥à¤°à¥ कर दे, तो आप और आपका शिशॠà¤à¤• दूसरे के और नजदीक महसूस करेंगे। सà¥à¤¤à¤¨ चूसने के दौरान तà¥à¤µà¤šà¤¾ से तà¥à¤µà¤šà¤¾ का संपरà¥à¤• आपको और आपके शिशॠको पà¥à¤¯à¤¾à¤° à¤à¤°à¤¾ मजबूत बंधन बनाने में मदद करता है।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना आपके लिठà¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ है। यह नई मांओं को डिलीवरी के बाद वजन घटाने में मदद करता है और अचà¥à¤›à¤¾ महसूस करवाने वाले हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करता है, जिससे आपको शांत व सहज महसूस करती हैं।
सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध आपके शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास को à¤à¥€ बढ़ावा देता है। इसके फायदे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना बंद कर देने के बाद à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सालों में जारी रहते हैं। साथ ही इसके दीरà¥à¤˜à¤•ालीन सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ फायदे à¤à¥€ हैं।
समय पूरà¥à¤µ जनà¥à¤®à¥‡ शिशॠके लिठमैं अपना सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध कैसे à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ कर सकती हूं?
डॉकà¥à¤Ÿà¤° और नरà¥à¤¸ आपके दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ को बनाने में मदद करेंगे ताकि आपका शिशॠजब तैयार हो तो सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करना शà¥à¤°à¥ कर सकें। इसकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ करने से होती है। कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® गाढ़ा पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ किठजाने वाला पहला दूध होता है।
बेहतर है कि शिशॠके जनà¥à¤® के बाद जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® निकालना शà¥à¤°à¥ कर दिया जाà¤, यदि हो सके तो शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ पहले घंटे में ही। आप जितना जलà¥à¤¦à¥€ कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® की पहली कà¥à¤› बूंदे à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ करेंगी, उतना ही जलà¥à¤¦à¥€ आपका दूध सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में आने लगेगा और बाद में आपके दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ सही रहेगी।
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ करने से पहले सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ पर हलà¥à¤•ी गरà¥à¤® सिकाई और हलà¥à¤•ी मालिश करने से कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में निकालने में मदद मिल सकती है। आपको शायद लगे कि आप बहà¥à¤¤ थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® निकाल पाई हैं, मगर इस चरण में यह सामानà¥à¤¯ है और शिशॠको जो चाहिठवह इससे मिल जाता है। कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® गाढ़ा, उचà¥à¤š पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ वाला पोषण पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है और आपके शिशॠका पेट बहà¥à¤¤ ही छोटा होता है, इसलिठयह जलà¥à¤¦à¥€ à¤à¤° जाता है।
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ करना सीखने में काफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकती है, खासकर इस समय जब आपको और à¤à¥€ बहà¥à¤¤ सी चीजों को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¤¾ पड़ रहा होता है।
यदि शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध न निकल रहा हो, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠको जरà¥à¤°à¥€ पोषण देने के लिठअनूपूरक फीड दे सकते हैं। कà¥à¤› असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² दूध बैंक (मिलà¥à¤• बैंक) में दान किया हà¥à¤ सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध उपलबà¥à¤§ कराते हैं, इस बारे में हर असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² के नियम अलग हो सकते हैं। शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध के साथ-साथ विशेषतौर पर पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° शिशॠके लिठबना फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध à¤à¥€ पिलाया जा सकता है। आप चिंता न करें, शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके और आपके शिशॠके लिठसबसे बेहतर विकलà¥à¤ª ही चà¥à¤¨à¥‡à¤‚गे।
यदि संà¤à¤µ हो तो दूध निकालते वकà¥à¤¤ शिशॠको अपने नजदीक ही रखें। जब शिशॠआपके पास होता है तो आप दोनों ही à¤à¤¸à¥‡ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करेंगे जिससे शरीर को सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध बनाने का पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨ मिलता है। तà¥à¤µà¤šà¤¾ से तà¥à¤µà¤šà¤¾ का संपरà¥à¤• शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में सबसे बेहतर रहता है, मगर किसी à¤à¥€ तरह का सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ फायदा दे सकता है।
आप सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ करते समय रिलैकà¥à¤¸à¥‡à¤¶à¤¨ तकनीक जैसे कि आराम व मन को शांति देने वाला संगीत सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ आदि आजमा सकती हैं। इससे शायद à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ किठजाने वाले दूध की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ सकती है। बहà¥à¤¤ सी माà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार संगीत सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ ही जारी रखती हैं, जो वे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सà¥à¤¨à¤¾ करती थीं।
आमतौर पर शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में हाथों से दूध à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ करना आसान रहता है, हालांकि हो सकता है आप पाà¤à¤‚ कि इलैकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• पंप शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से ही बेहतर रहता है।
आपको असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² से दूध à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ करने के लिठइलैकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• पंप मिल सकता है। जलà¥à¤¦ ही à¤à¤• साथ दोनों सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध निकालना सीख लेने पर दूध जलà¥à¤¦à¥€ निकाला जा सकेगा।
बेहतर है कि आप नियो​नेटल यूनिट में उपलबà¥à¤§ पंप के अलावा घर के लिठà¤à¥€ à¤à¤• इलैकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• पंप खरीद लें। कौन सा पंप आपके लिठसही रहेगा, इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° सलाह दे सकती हैं।
बार-बार à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ करें, दिन में कम से कम आठसे 10 बार, इसमें à¤à¤• बार रात के समय à¤à¥€ दूध निकालना शामिल है। कोशिश करें कि दिन में दूध निकालने में तीन घंटों से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ का और रात में पांच से छह घंटो का अंतर न रखें। नियमित रूप से दूध निकालते रहने से दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बनी रहेगा और आपका मैसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ से बचाव होगा।
हालांकि, बार-बार दूध निकालना मेहनत वाला काम है मगर शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दो से तीन हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक à¤à¤¸à¤¾ करने से आपके दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ को काफी बढ़ावा मिलेगा।
असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² का सà¥à¤Ÿà¤¾à¤« आपको बताà¤à¤—ा कि सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध को इकटà¥à¤ ा करने और संगà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करने का सही तरीका कà¥à¤¯à¤¾ है। यदि आप घर पर दूध à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ कर रही हैं, तो आपको à¤à¤• कीटाणà¥à¤®à¥à¤•à¥à¤¤ कंटेनर में यह असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में लाना होगा।
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ किठदूध को पà¥à¤°à¤¶à¥€à¤¤à¤¿à¤¤ (फà¥à¤°à¥€à¤œ) करके à¤à¥€ रखा जा सकता है, ताकि शिशॠबाद में इसे पी सके। यह जरà¥à¤°à¥€ है कि आप हर बार à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ करने के बाद कंटेनर पर अपने शिशॠका नाम और दूध निकालने का समय और तारीख लिख दें। इस तरह आपके शिशॠको तारीख के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सही कà¥à¤°à¤® में दूध पिलाया जा सकेगा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠकी जरà¥à¤°à¤¤à¥‹à¤‚ को पूरा करने के लिठसà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध में à¤à¥€ समय के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बदलाव आता है।
मेरा पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने के लिठकब तैयार होगा?
अधिकांश पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° शिशà¥à¤“ं के लिठसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करना सीखना à¤à¤• नियमित और धीमी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। यह इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि आपका शिशॠसमय से कितना पहले जनà¥à¤®à¤¾ है, उसकी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त जरà¥à¤°à¤¤à¥‡à¤‚ कà¥à¤¯à¤¾ है और उसका सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ कैसा है।
जब शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठतैयार हो, तो कंगारॠकेयर नामक तकनीक सफल सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ा देती है।
इस तकनीक के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपको शिशॠको इस तरह थामना होता है कि उसे गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ व आराम मिले और आपके साथ तà¥à¤µà¤šà¤¾ से तà¥à¤µà¤šà¤¾ का संपरà¥à¤• रहे। नरà¥à¤¸ आपको बताà¤à¤‚गी कि शिशॠके लिठकंगारॠकेयर का कौन सा सà¥à¤¤à¤° उचित रहेगा। आपको शायद केवल नैपी पहने हà¥à¤ शिशॠको गोद में लेना होगा और आपकी शरà¥à¤Ÿ या कà¥à¤°à¥à¤¤à¥€ के अंदर वह आपके सीने से लगा होगा।
हो सकता है नवजात इकाई में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ सलाहकार या बेबी-फीडिंग विशेषजà¥à¤ž हो। वे आपकी सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में और आगे हर चरण पर मदद कर सकते हैं।
हो सकता है शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में शिशॠसà¥à¤¤à¤¨ से बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ दूध न पी पाà¤à¥¤ यदि à¤à¤¸à¤¾ हो तो आप हिमà¥à¤®à¤¤ न हारें। आपके शिशॠकी चूसने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ विकसित होने में समय लग सकता है, या फिर अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं की वजह से हो सकता है वह अà¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठतैयार न हो।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में, अचà¥à¤›à¤¾ पोषण पाने के लिठशिशॠको अतिरिकà¥à¤¤ मदद की जरà¥à¤°à¤¤ हो सकती है। उसे नस में डà¥à¤°à¤¿à¤ª के जरिये या फिर नलिका के जरिये सीधे उसके पेट में पोषण पहà¥à¤‚चाया जा सकता है।
मेरा शिशॠअà¤à¥€ तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं कर रहा है। मैं कà¥à¤¯à¤¾ करà¥à¤‚?
आप इसके लिठबहà¥à¤¤ कà¥à¤› कर सकती हैं। चाहे आपका शिशॠअà¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने के लिठतैयार न हो, मगर सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध निकालकर अपने दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बनाठरखना à¤à¥€ उसके लिठउतना ही मददगार है। यदि आपको किसी चीज की जरà¥à¤°à¤¤ है तो आपके पति इसमें आपकी मदद कर सकते हैं। साथ ही, वे इस चरण पर आपके खान-पान पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दे सकते हैं।
माता व पिता दोनों ही शिशॠको कंगारॠकेयर दे सकते हैं। इस तरह की देखà¤à¤¾à¤² के आपके और शिशॠके लिठबहà¥à¤¤ से फायदे हैं। यह शिशॠको रिलैकà¥à¤¸ करने, दिल की धड़कन सामानà¥à¤¯ करने और शरीर का उचित तापमान बनाठरखने में मदद करता है।
कंगारॠकेयर आपको माता-पिता के तौर पर और अधिक आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है। इस तरह परिवार के तौर पर मजबूत बंधन आपको आॅकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‰à¤¸à¤¿à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ जारी करने में मदद करता है। यह हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ में काफी फायदेमंद है।
सामानà¥à¤¯à¤¤: पैसिफायर और सूदर (चूसनी) के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² को बढ़ावा नहीं दिया जाता। आपके शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताà¤à¤‚गे कि चूसने की गैर-पोषक (नॉन नयूटà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤µ) कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बढ़ावा कैसे दिया जाà¤à¥¤
अकà¥à¤¸à¤° माà¤à¤‚ शिशà¥à¤“ं को चूसने का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ कराने के लिठअपने खाली सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती हैं। à¤à¤¸à¤¾ तब होता है जब वे नलिका से दूध ले रहे होते हैं या इसके पहले। बिना सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ के इस तरह का चूसना शिशॠको मà¥à¤‚ह से दूध पीना जलà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥ करने में मदद कर सकता है। इस तरह यह सीख लेने से शिशॠजलà¥à¤¦ तंदà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ होगा और उसे असà¥à¤¤à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में कम समय बिताना पड़ेगा।
जब शिशॠसà¥à¤µà¤¯à¤‚ आपके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध पीने के लिठतैयार हो, तो हो सकता है शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में शायद वह कà¥à¤› ही बूंद दूध निकाल पाà¤à¥¤ उसे शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में आपके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को चाटना और दूध का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ लेना अचà¥à¤›à¤¾ लगेगा।
समय से पहले जनà¥à¤®à¥‡ शिशॠजलà¥à¤¦à¥€ थक जाते हैं, इसलिठयदि शिशॠजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक आपके सà¥à¤¤à¤¨ से दूध न पी सके तो निराश न हों। आपको यह जलà¥à¤¦ ही आसान लगने लगेगा विशेषकर यदि इस चरण पर आपको सही मदद और सहयोग मिल रही है तो।
यदि आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨ को चूस पा रहा है, तो à¤à¥€ शायद उसे सà¥à¤¤à¤¨ को सही ढंग से मà¥à¤‚ह में लेने में दिकà¥à¤•त आ रही होगी। उसे आपके सà¥à¤¤à¤¨ का बड़ा हिसà¥à¤¸à¤¾ मà¥à¤‚ह में लेना होगा और ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशॠके लिठà¤à¤¸à¤¾ करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होगा। यदि आपके शिशॠके साथ à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ हो तो शिशॠको à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ किया हà¥à¤† सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध पलड़ाई या कप के जरिये पिलाया जा सकता है। यदि आप शिशॠको बोतल से दूध पिलाना चाहें, तो इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें। बहरहाल, शिशॠको समय-समय पर अपने सà¥à¤¤à¤¨ से लगाती रहें। यूनिट में मौजूद डॉकà¥à¤Ÿà¤° और नरà¥à¤¸ से इस बारे में और अधिक जानकारी लें।
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